UP : आम आदमी को बहुत परेशान करता है कानून का बोझ : मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि कानून का बोझ आम आदमी को परेशान करता है। हमने लगभग 1200 कानून खत्म किये हैं।

Allahabad-High-Court-min1इलाहाबाद : इलाहाबाद हाई कोर्ट के स्थापना के 150 वर्ष के वार्षिक समारोह के समापन दिवस के मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मुझे देश के चीफ जस्टिस से एक संकल्प के लिए प्रेरित किया है। अब हमारा प्रमुख लक्ष्य उसको पूरा करने का रहेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जिस संकल्प के लिए चीफ जस्टिस ने प्रेरित किया है, उनके सपने को पूरा करने के लिए हमें जो भी करना होगा हम करेंगे। आज इलाहाबाद हाईकोर्ट का यह समारोह नई ऊर्जा व नये संकल्प पूरा होने का अवसर बन सकता है। इससे पहले प्रधानमंत्री ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के शताब्दी वर्ष पर राष्ट्रपति डा. राधाकृष्णन के संबोधन का एक पैरा ग्राफ पढ़ा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय डॉ राधाकृष्णन ने एक मार्मिक सन्देश दिया था, गांधी जी कहते थे हम कोई भी निर्णय करे की सही गई या गलत है इसकी कसौटी क्या है। इसके लिए आखरी छोर पर बैठे उस व्यक्ति के बारे में सोचें कि इस निर्णय का उस पर क्या प्रभाव पड़ेगा। डॉ राधा कृष्णन ने कहा था कानून बदलते रहना चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कानून सिर्फ अमीरों के लिए नहीं होना चाहिए। इसका लक्ष्य अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव होना चाहिए। उन्होंने संभावना जताई कि यह समारोह नई ऊर्जा, नये संकल्प के पूरा होने का अवसर बनेगा। बदले युग में तकनीक के जमकर प्रयोग का सुझाव दिया। यह भी बताया कि वर्ष 2014 में जब वह चुनाव प्रचार कर रहे थे तब किसी बात पर उन्होंने कहा था कि वह हर दिन एक अनुपयोगी कानून खत्म करेंगे। अब तक ऐसे करीब 1200 कानून खत्म किए जा चुके हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई क्यों नहीं हो सकती। एसएमएस से लोगों को मुकदमों की जानकारी क्यों नहीं दी जा सकती। इलाहाबाद हाईकोर्ट को उन्होंने न्याय जगत का तीर्थ बताया। कहा कि यहां से पूरा देश आजादी के 75 साल पूरे होने पर 2022 तक न्यू इंडिया के लिए रोडमैप तैयार करे। जो जहां है वहां बेहतर करने का संकल्प ले। अपने संबोधन में उन्होंने राष्ट्रपति डा. राधाकृष्णन तथा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का भी जिक्र किया। अब तो वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सुनवाई होनी चाहिए। कैदियों को कोर्ट ले जाते समय क्या क्या नहीं होता यह सभी जानते है। अब योगी जी आये हैं अब यह सब बंद होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बदले युग में तकनीक का जमकर प्रयोग करें, अब तक करीब 1200 कानून खत्म हो चुके हैं। देशवासी 2022 के लिए संकल्प लें, बोले क्यों न वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेशी हो। मुकदमों का बोझ कम करना जरूरी है पीएम बोले क्यों न एसएमएस से मुकदमों की तारीख मिले। प्रधानमंत्री ने अब तक करीब 1200 कानून खत्म होने की जानकारी दी। बताया कि कोर्ट और जेल के बीच वीडियो कांफ्रेंसिंग से गवाही की व्यवस्था क्यों नहीं की जा सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट भारत के न्याय का तीर्थस्थल है। राष्ट्रगान के साथ ही कार्यक्रम का समापन।

कानून से ऊपर कोई भी राजा काम नही कर सकता

मुख्यमंत्री आज इलाहाबाद में इलाहाबाद हाई कोर्ट के स्थापना के 150 वर्ष के वार्षिक समारोह के समापन दिवस को संबोधित कर रहे थे। समारोह के विशिष्ट अतिथि सीएम योगी ने कहा कि कानून से बड़ा कोई नहीं है। कानून का स्थान शासक से भी ऊपर है। कोई भी समाज कानून से ही चलता है। मुख्यमंत्री बोले न्यायालयों में लंबित प्रकरणों को जल्द खत्म करने की पहल न्यायपालिका ने ही की है। वैसे भी कानून से बढ़कर कोई नहीं है। कानून से ही शिकायतों का हल निकलता है। न्यायिक प्रणाली पर चिंतन अमूल्य है। यहां तक कि कानून का स्थान शासक से बढ़कर है। न्याय व विधि एक दूसरे के पूरक हैं और इंसाफ देना सबसे बड़ा धर्म है।

वादियो को निष्पक्ष न्याय दिलाना कर्तव्य है।

कानून से ऊपर कोई भी राजा काम नही कर सकता, कानून से ही शिकायतों का निस्तारण हो पाता है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब-जब लोकतंत्र पर संकट आया, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूरी निष्ठा के साथ उसे बचाया। न्यायालय ने कुछ ऐसे फैसले दिए, जिसने भारतीय समाज को नई दिशा दी। वैसे समाज कानून से चलाता है और इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कई ऐतिहासिक फैसले दिए हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट का इतिहास गौरवशाली रहा है। मुख्यमंत्री बोले, मेरे लिए बहुत हर्ष का विषय है कि मुझे हाईकोर्ट के 150 साल पूरे होने के समापन कार्यक्रम में शामिल होने का मौका मिला।

प्रधानमंत्री मोदी से दिल की बात करते हैं जस्टिस खेहर 

भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस खेहर बोले प्रधानमंत्री मोदी जी मन की बात करते हैं कि मैं उनसे दिल की बात करते हैं। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस जगदीश सिंह खेहर ने दिल की बात की। बताया कि किस तरह जज मुकदमों का बोझ कम कर सकते हैं। कुम्भ मेला, स्वतंत्रता संग्राम इलाहाबाद हाईकोर्ट से जुड़ा हुआ है, यह बहुत हर्ष का विषय है कि कुम्भ मेले का आयोजन इलाहाबाद में होता है। मुख्य न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर ने कहा कि छुट्टियों में जजों को काम करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

जस्टिस खेहर ने न्यायालयों में लंबित प्रकरणों को लेकर चिंता जताई, कहा कोर्ट में मुकदमों का भारी बोझ है। न्यायिक कार्य में तकनीक का कैसे प्रयोग होगा इसे जस्टिस खेहर ने विस्तार से बताया। मुख्य न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर ने कहा कि छुट्टियों में होगी ट्रिपल तलाक, आसाम का सिटिजन इश्यू और अन्य मामलों की सुनवाई।

इलाहाबाद हाईकोर्ट का इतिहास गौरवमयी रहा : रविशंकर प्रसाद 

केंद्रीय विधि मंत्री रविशंकर प्रसाद का संबोधन शुरू। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट का इतिहास गौरवमयी रहा है। यहां से जो अलख जगी उसने बार और बेंच का नाम रोशन किया। इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले मील के पत्थर हैं। त्वरित न्याय की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। गरीबी मिटाने के लिए तकनीक का जमकर प्रयोग करेंगे। न्याय पालिका की निष्पक्षता के लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्घ है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संगमनगरी में इलाहाबाद हाई कोर्ट की 150वीं जयंती वर्ष के समापन समारोह में आगमन पर राज्यपाल राम नाईक तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बमरौली एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री का स्वागत किया। इलाहाबाद हाईकोर्ट के डेढ़ सौंवे साल के समारोह के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व चीफ जस्टिस आफ इंडिया जेएस खेहर मंच पर पहुंचे।

इससे पहले उन्होंने इलाहाबाद हाई कोर्ट के जजों से मुलाकात की थी। वंदेमातरम के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ। प्रधानमंत्री मोदी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया कार्यक्रम का आैपचारिक शुभारंभ। इलाहाबाद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीबी भोसले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर का बुकें भेंटकर स्वागत किया। न्यायालयों में जजों की कमी दूर करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।

कार्यक्रम स्थल पर शार्ट सर्किट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन से पहले ही कार्यक्रम स्थल पर शार्ट सर्किट हो गया। इलाहाबाद हाई कोर्ट प्रांगण में बने पंडाल में शार्ट सर्किट के तत्काल बाद ही वहां का मुआयना किया गया। प्रांगण में बने पंडाल के पास तैनात सुरक्षा बल के जवानों से साथ आयोजन समिति से जुड़े लोगों ने तत्काल फायर इस्टिंग्यूशर का प्रयोग कर आग को बुझा दिया। इसके बाद बिजली की व्यवस्था से जुड़े लोगों को तलब किया। इन लोगों ने वहां पर तार को बदलकर बिजली व्यवस्था को सुचारू रूप से चालू कराया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आज इलाहाबाद में इलाहाबाद हाई कोर्ट के 150वें वर्ष के समापन समारोह में शिरकत करना है। इनके साथ डिप्टी सीएम केशव मौर्या, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जीएस खेहर और यूपी के गवर्नर राम नाइक भी प्रोग्राम में शामिल होंगे। केन्द्रीय कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद भी कार्यक्रम में मौजूद हैं। कोलकाता और मुंबई हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश साथ ही देश की सर्वोच्च अदालत के कई न्यायाधीश भी कार्यक्रम में मौजूद हैं।

सीएम योगी आदित्यनाथ करीब 12.30 बजे प्रधानमंत्री को इलाहाबाद से दिल्ली रवाना करने वापस बमरौली एयरपोर्ट आएंगे और वहीं पर लंच करने के बाद वापस चले जाएंगे।

इलाहाबाद हाई कोर्ट का इतिहास

– इलाहाबाद हाई कोर्ट एशिया का सबसे बड़ा और सबसे पुराना हाई कोर्ट है। इसकी स्थापना 17 मार्च 1866 में हुई थी। सर वॉल्टर मॉर्गन इलाहाबाद हाई कोर्ट के पहले चीफ जस्टिस थे।

– उस वक्त सिर्फ 6 जज ही थे, लेकिन अब यहां जजों के 160 पद हैं। इसके अलावा करीब 17 हजार वकील हाईकोर्ट से जुड़े हुए हैं, लेकिन उस वक्त महज दर्जन भर ही वकील थे।

– देश का पहला हाईकोर्ट है, जिसके पास अपना म्यूजियम और आर्काइव गैलरी है।

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