प्रणब मुखर्जी के आरएसएस के कार्यक्रम मे सम्मिलित होने की स्वीकृति देने से क्यों परेशान है विपक्ष ?

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हाल ही  मे पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी  का नाम राजनैतिक गलियारों मे जबरदस्त उछल रहा है | अपना राष्ट्रपति कार्यकाल पूरा होने के बाद प्रणब मुखर्जी  का नाम मीडिया घरानों से लगभग गायब सा हो गया था पर उन्होंने जब से आरएसएस के कार्यक्रम मे सम्मिलित होने की स्वीकृति दी है तब से सभी मीडिया घराने 24*7 उनपर रिपोर्टिंग कर रहे है | प्रणब मुखर्जी जिनका राष्ट्रपति बनने से पहले  सारा जीवन एक कांग्रेसी के रूप में बिता जिन्होंने ने  कांग्रेस पार्टी मे   कई मुख्या पदों को सम्हाला और कांग्रेस सरकार मे कई मुख्या मंत्रालय को सम्हाला आज उन्होंने कांग्रेस के सामने बड़ी मुश्किलें खड़ी कर दी है | कांग्रेस के ऊपर  सम्पूर्ण महागठबंधन से प्रणब मुखर्जी को आरएसएस के कार्यक्रम मे शामिल होने से रोकने का  दबाव आ रहा है उनका कहना है कि ऐसा करने से लोगों के बिच गलत संदेश जायेगा | कांग्रेस ने ये कहकर इस मामले से अपना पलरा झार लिया है कि  ये प्रणब मुखर्जी का निजी फैसला है |

अब बात आती है कि क्यों ऐसा अनावश्यक दबाव प्रणब मुखर्जी के ऊपर डाला जा रहा है शायद इसलिए की इससे बीजेपी को कही राजनैतिक लाभ न मिल जाये | एनसीपी , आरजेडी और भी कई अन्य पार्टियों के नेताओं ने प्रणब मुखर्जी से इस कार्यकम मे न शामिल होने की अपील की है | प्रणब मुखर्जी जो की केंद्रीय मंत्रिमंडल मे मंत्री और भारत के राष्ट्रपति  रह चुके है  अब शायद उन्हें दूसरें लोगों से  अपना जीवन जीने की कला सिखने की जरुरत नहीं है |  आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से कुछ दिनों पहले रतन टाटा ने भी मुलाकात की थी | शायद भारतवर्ष मे ऐसी तो कानून नहीं आया की अलग विचारधारा के लोग आपस मे नहीं मिल सकते | दिग्विजय सिंह जो की 26/11 के लिए आरएसएस को जिम्मेदार ठहरा रहे थे उन्होंने ने भी  नरेन्द्र मोदी का स्वागत अपने बेटे की विवाह मे जैसा किया था वो देखने लायक था | दिग्विजय सिंह  जो की नरेन्द्र मोदी के धुर विरोधी है उन्हें क्या जरुरत थी नरेन्द्र मोदी को अपने बेटे के विवाह कार्यकम में बुलाने की ?  इसे कहते है भारतीय संस्कृति इसमें हमें यही सिखाया जाता है कि मित्रों से तो अच्छे से मिले ही शत्रु से उनसे भी गर्मजोशी मे मिलो | १९३४ मे महात्मा गाँधी भी आरएसएस के कार्यक्रम मे सम्मिलित हो चुके है |
इसीलिए शायद भारतीय राजनीती के दिग्गज प्रणब मुखर्जी ने आरएसएस के कार्यक्रम मे सम्मिलित होने की स्वीकृति दी | अब वे इस कार्यक्रम मे शामिल होकर क्या बोलते है ये देखने वाली बात होगी |

 

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