बिहार चुनाव : पिछले चुनाव में 134 से अधिक सीटों पर नोटा को प्रभावी वोट मिले थे, इसलिए ‘नेताजी’ हो जाएं सावधान

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मतदाताओं का मिजाज पहचानने में लगातार राजनीतिक पार्टियां फेल हो रही हैं. ऐसा ही कुछ पिछले साल यानी 2015 के विधानसभा चुनाव में हुआ था. अगर ऐसा नहीं था तो इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं ने नोटा को क्यों चुना. जी हां, पिछले चुनाव में 134 से अधिक सीटों पर नोटा को प्रभावी वोट मिले थे. खास बात यह कि 19 सीटों पर हुई हार-जीत के वोटों का अंतर नोटा को मिले वोटों से कम ही रहा था. पिछले विधानसभा चुनावों में प्रदेश के 913561 मतदाताओं ने नोटा के बटन को दबाया था. वारिसगंज में नोटा को 9951 वोट मिले थे.
पटना : विधानसभा चुनाव 2015 में 19 सीटों पर मतदाताओं ने नोटा (नन ऑफ द एबव) को प्रभावी वोट दिये. यही वजह रही कि इन सीटों पर हुई हार-जीत में वोटों का अंतर नोटा को मिले वोटों से कम ही रहा. जाहिर है कि प्रत्याशियों में किसी को पसंद न करने वाले मतदाताओं ने हार-जीत के परिणाम को नजदीक से प्रभावित किया. सबसे खास बात यह रही कि किसी भी सीट पर नोटा मतों की संख्या अंतिम पायदान पर नहीं दिखी. 134 से अधिक सीटों पर नोटा को प्रभावी वोट मिले. इन सीटों पर नोटा को पहले पांच में स्थान मिला. दरअसल यहां उसे दूसरे दलों और निर्दलीयों से ज्यादा वोट मिले थे.
विधानसभा चुनाव 2020 में भी आक्रोशित मतदाताओं के लिए यह हो सकता है बड़ा हथियार : चूंकि विधानसभा चुनाव 2020 में भी आक्रोशित मतदाताओं के लिए यह बड़ा हथियार हो सकता है. ऐसे में सभी दलों को नोटा पर वोटिंग करने वाले मतदाताओं को नियंत्रित करने की बड़ी चुनौती होगी. पिछले विधानसभा चुनावों में प्रदेश के 913561 मतदाताओं ने नोटा के बटन को दबाया था. वारिसगंज में नोटा को 9951 वोट मिले थे.
वह सीटें जहां नोटा को जीत के मतों से भी अधिक मिले वोट
सीट- नोटा वोट- सीट पर हार जीत का अंतर रहा
चंपतिया – 4506 – 464
सिकटा– 5579 – 2835
रक्सौल- 3310- 3169
शिवहर- 4383- 461
झंझारपुर -1044- 834
कसबा- 2058- 1666
बनमनखी- 1859 -1252
बरौली- 988–504
कोचायकोट- 7512 -3562
सीवान- 5119- 3534
अमनौर- 6447 – 5251
गोपालपुर- 5042- 5019
बिहारशरीफ – 5191- 2340
नालंदा -6531 – 2996
तरारी – 3858 -272
चैनपुर- 3074 – 371
डेहरी -4458 – 3898
शेरघाटी- 6482- 4834
रजौली- 5541 – 4615
वह सीटें जहां नोटा को हार-जीत के अंतर से कुछ ही कम वोट मिले
नाथनगर – 7112 -7250
चेनारी- 8876 -9774
बेतिया- 1918 – 2340
परिहार – 3618 – 4017
वे 35 सीटें, जहां नोटा को तीसरे नंबर पर सबसे ज्यादा पसंद किया गया : बथनाहा, मधुबनी,राजनगर , नरपतगंज , रानीगंज,कोरहा, सोनबरसा, कुशेश्वर स्थान, गौराबोराम ,अलीनगर, हयाघाट , केवटी, बरूराज, पारू, कोचायकोट, गरखा, परसा, सोनपुर, वारिसनगर, सरायरंजन, अमारपुर, तारापुर, अस्थावन ,नालंदा, हरनौत, मनेर, संदेश, चेनारी ,इमामगंज, टिकारा,वजीरगंज,रजौली ,वारसलीगंज,हरसिद्धि,गोविंदगंज.
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नोटा को 64 सीटों पर मिला चौथा स्थान: ढाका,रुन्नी सैदपुर , बाबूबरही ,निर्मली , पिपरा,त्रिवेणीगंज , छत्तापुर, जोकिहाट, सिकटी, कोचहाधमन , अमौर, धमदाहा, शिंगेश्वर, सहरसा, सिमरी बख्तियारपुर ,दरभंगा रूरल, बहादुरपुर , सकरा, बैकुंठपुर,भोरे, सीवान, रघुनाथपुर, एकमा , बैनियापुर,तरैया,उजियारपुर, बिभूतिनगर,रोसड़ा, हसनपुर,चेरिया बरियारपुर , मटिहानी ,साहेबपुर कमाल, बेगूसराय , बखरी, खगड़िया, परबत्ता, बिहपुर,गोपालपुर , पिपला,भागलपुर, सुल्तानगंज , जमालपुर, बेलहर, बिहारशरीफ, बांकीपुर,दानापुर, आरा, नोखा,डेहरी, जहानाबाद, मखदुमपुर,गौरुआ,शेरघाटी, बाराचट्टी ,बेलागंज,अटारी, हिसुआ, नवादा,रामनगर और बगहा, वाल्मीकिनगर
इन 35 सीटों पर मिला पांचवा स्थान : चिराला, शिवहर ,परिहार ,बाजपट्टी, फुलपरास, लौकहा,सुपौल, फारबिसगंज , अररिया, ठाकुरगंज , आलमनगर, महिषी, बेनीपुर ,जाले, दरौली, मरहौरा,अमनौर, हाजीपुर,कल्याणपुर, तगेरा,अलौली, नाथनगर, बख्तियारपुर, पालीगंज, बरहरा, तरारी,शाहपुर,राम गढ़, सासाराम, घोसी, कुतुुंबा,गोबिंदपुर,सिकंदरा, चकारी,नरकटिया.

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